दावोस में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में शरीक हुए पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने देश में नौकरशाही को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आर्थिक सुधारों की विफलता का बहुत बड़ा कारण नौकरशाही में निहित है. इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव बातचीत में राजन ने कहा कि सुधारों की दिशा को निर्धारित करते समय नौकरशाह एक ऐसा पक्ष जोड़ देता है जिससे सभी सुधार धरे के धरे रह जाते हैं.
सरकारी बैंकों के निजीकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजन ने यह टिप्पणी की. राजन ने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि सरकारी बैंकों में सरकारी की दखलंदाजी को रोका जाए. वहीं किसी नौकरशाह को बैंक की कमान देने की जगह उचित व्यक्ति के हाथ में बैंक को सौंपने की जरूरत है. राजन ने कहा कि सरकार को यह साफ तौर पर समझने की जरूरत है कि सही व्यक्ति न कि नौकरशाह को बैंक चलाने के लिए स्वतंत्र करने का कोई विकल्प नहीं है. सरकार का काम बैंकों को यह बताना कि उसे क्या करना चाहिए नहीं है.
सरकार के आर्थिक आंकड़ों पर कम हुआ भरोसा, स्वतंत्र संस्था करे आकलन: राजन
हालांकि रिजर्व बैंक के अपने कार्यकाल के दौरान नौकरशाहों से मुलाकात के अपने अनुभव के आधार पर राजन ने कहा कि उनका सामना कई किस्म के नौकरशाहों से हुआ. जहां कई बेहतरीन अधिकारियों से उनका पाला पड़ा वहीं कई ऐसे अधिकारियों से भी वह रूबरू हुए जिनके किस्म को राजन सुधार की दिशा में समस्या मानते हैं.
खासबात है कि राजन ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत में विकेंद्रीकरण का उल्टा देखने को मिल रहा है. राजन के मुताबिक मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्रियों की भूमिका नौकरशाह अदा कर रहे हैं. जबकि आदर्श स्थिति है कि मंत्रियों को नेतृत्व करते हुए नौकरशाहों को निर्देश देने का काम करना चाहिए. लिहाजा राजन के मुताबिक मोदी सरकार ने केन्द्रीय मंत्रियों की जगह नौकरशाह को सत्ता के केन्द्र में रखा है.
साझा नहीं कर सकता राहुल गांधी से हुई प्राइवेट बातचीत: रघुराम राजन
राजन ने कहा कि भारत को एक ऐसे नौकरशाही ढांचे की जरूरत है चीजों को आगे बढ़ाने वाली हो न की बाधा पैदा करने वाली. बैंक एनपीए की समस्या पर सरकार के दृष्टिकोण पर राजन ने कहा कि मौजूदा समय में सरकार एनपीए की पहचान होने के बाद कर्ज लेने वाली कंपनियों के कर्ज की किश्त को रोकने का काम करती है. वहीं सीबीआई, सीवीसी, ईडी जैसी नौकरशाही संस्थाएं ऐसी कंपनियों के उभरने के सभी रास्तों को बंद कर देती हैं. राजन ने कहा कि उनका मानना है कि एनपीए की पहचान होने के बाद कर्ज की किश्त बंद करना गलत प्रक्रिया है और इससे सिर्फ देश का कारोबारी माहौल खराब होगा.
बताते चलें कि करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में पिछले दिनों क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल ने शिरकत की थी. इस दौरान महिलाओं को लेकर की उनकी टिप्पणियों पर विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों क्रिकेटर्स पर बीसीसीआई की ओर से कार्रवाई की खबरें आईं. दोनों को काफी आलोचना झेलनी भी पड़ी थी.
बिहार सरकार में मंत्री झा ने कहा कि कुछ लोग उनकी तुलना इंदिरा गांधी से कर रहे हैं, इंदिरा गांधी फिरोज शाह की पत्नी थी उनके पति ने लोकसभा में कई मुद्दों को उठाया था. लेकिन रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर जमीन घोटाले हैं, ऐसे में प्रियंका की तुलना इंदिरा से करना गलत है. आपको बता दें कि विनोद नारायण झा बीजेपी नेता हैं और बिहार की नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
उनके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर कहा कि उन्हें सपा-बसपा को डराने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रियंका राजनीति में रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिनिधि के तौर पर आई हैं. इससे रॉबर्ट वाड्रा का मुद्दा लाइमलाइट में आएगा.
गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया. प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है. इस प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं.
Friday, January 25, 2019
Thursday, January 17, 2019
पहली मुलाकात में 13 साल छोटी पत्नी के साथ उम्र में फर्क को लेकर नर्वस थे शाहिद कपूर
शाहिद कपूर और मीरा राजपूत बॉलीवुड के कूल कपल में शुमार किए जाते हैं. शाहिद ने जब मीरा के साथ शादी की थी तब उनकी उम्र 34 साल थी और मीरा उस समय सिर्फ 21 साल की थीं. उम्र में बड़ा अंतर होने के बावजूद दोनों ने कभी इस बात की परवाह नहीं की. हालांकि शुरू शुरू में शाहिद थोड़े नर्वस थे. अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखने वाले शाहिद ने अपनी इस नर्वसनेस से जुड़ा किस्सा शेयर किया है.
शाहिद ने एक इंटरव्यू में कहा, "उस दौरान मौसम काफी अच्छा था और शाम के पांच बजे हुए थे. मीरा के चेहरे पर लाइट आ रही थी, अचानक वो मेरी तरफ पलटी और स्माइल करते हुए कुछ कहने लगी. मैं मन ही मन सोच रहा था कि ये इतनी यंग है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसे लाइक करता हूं. क्या मैं ठीक हूं? मेरे साथ कुछ गलत तो नहीं हो रहा है?"
मीरा और अपनी उम्र में अंतर को लेकर शाहिद कपूर नर्वस थे. फिलहाल दोनों को बॉलीवुड के शानदार कपल में शुमार किया जाता है. पति और बच्चों के साथ मीरा की ट्यूनिंग देखने लायक होती है.
फिलहाल शाहिद कपूर और रणवीर सिंह की कोल्ड वॉर को लेकर काफी चर्चाएं हैं. दोनों सितारों ने अपने इंटरव्यूज में कुछ बयान दिए हैं. बता दें कि दोनों दीपिका पादुकोण के साथ पिछले साल रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में नजर आए थे.
पद्मावत के बाद शाहिद कपूर की फिल्म "बत्ती गुल और मीटर चालू" आई थी. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई. शाहिद फिलहाल अपनी नई फिल्म कबीर सिंह की तैयारियों में व्यस्त हैं. ये फिल्म सुपरहिट तेलुगू फिल्म अर्जुन रेड्डी का रीमेक है. फिल्म में शाहिद, कियारा आडवाणी के साथ नज़र आएंगे.
क्या है नया नियम
ट्राई के नए नियम के तहत कस्टमर अपने डीटीएच ऑपरेट को सिर्फ उतना ही पैसा देंगे जितने चैनल देखना चाहते हैं. अभी तक ये होता रहा है कि कस्टमर 250 से 300 रुपये तक के मासिक प्लान रिचार्ज कराते थे. इस मासिक प्लान में आपकी पसंद के चैनल तो होते थे लेकिन वो चैनल भी होते थे जिन्हें कस्टमर कभी देखते नहीं थे. वहीं कस्टमर को अपने कई पसंदीदा चैनल देखने के लिए अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है. यानि ट्राई के नए नियम लागू होने के बाद कस्टमर पर डीटीएच ऑपरेटर चैनल नहीं थोप सकेंगे. आसान भाषा में समझें तो यूजर्स को उन्हीं चैनल के लिए भुगतान करना होगा, जिन्हें वो देखना चाहते हैं. ट्राई के इस नए नियम के तहत डीटीएच ऑपरेटर को सभी चैनल अलग- अलग या किसी एक बुके में देने होंगे. इसके साथ ही यूजर को टीवी स्क्रीन पर प्रत्येक चैनल की कीमत भी बताई जाएगी.
ट्राई की नई व्यवस्था के तहत कस्टमर को सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए एक नेटवर्क क्षमता शुल्क 130 रुपये + जीएसटी देना होगा. यह कस्टमर को दिए जाने वाले 100 चैनलों का शुल्क है. इन 100 चैनल में टीवी ऑपरेटर्स को प्रसार भारती के 24 चैनल्स को अनिवार्य रूप से रखना होगा. वहीं अगर कोई कस्टमर 100 से अधिक चैनल सब्सक्राइव करना चाहता है तो उसे 20 से 25 रुपये प्रति चैनल एक्सट्रा चार्ज के रूप में भुगतान करने होंगे.
शाहिद ने एक इंटरव्यू में कहा, "उस दौरान मौसम काफी अच्छा था और शाम के पांच बजे हुए थे. मीरा के चेहरे पर लाइट आ रही थी, अचानक वो मेरी तरफ पलटी और स्माइल करते हुए कुछ कहने लगी. मैं मन ही मन सोच रहा था कि ये इतनी यंग है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसे लाइक करता हूं. क्या मैं ठीक हूं? मेरे साथ कुछ गलत तो नहीं हो रहा है?"
मीरा और अपनी उम्र में अंतर को लेकर शाहिद कपूर नर्वस थे. फिलहाल दोनों को बॉलीवुड के शानदार कपल में शुमार किया जाता है. पति और बच्चों के साथ मीरा की ट्यूनिंग देखने लायक होती है.
फिलहाल शाहिद कपूर और रणवीर सिंह की कोल्ड वॉर को लेकर काफी चर्चाएं हैं. दोनों सितारों ने अपने इंटरव्यूज में कुछ बयान दिए हैं. बता दें कि दोनों दीपिका पादुकोण के साथ पिछले साल रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में नजर आए थे.
पद्मावत के बाद शाहिद कपूर की फिल्म "बत्ती गुल और मीटर चालू" आई थी. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई. शाहिद फिलहाल अपनी नई फिल्म कबीर सिंह की तैयारियों में व्यस्त हैं. ये फिल्म सुपरहिट तेलुगू फिल्म अर्जुन रेड्डी का रीमेक है. फिल्म में शाहिद, कियारा आडवाणी के साथ नज़र आएंगे.
क्या है नया नियम
ट्राई के नए नियम के तहत कस्टमर अपने डीटीएच ऑपरेट को सिर्फ उतना ही पैसा देंगे जितने चैनल देखना चाहते हैं. अभी तक ये होता रहा है कि कस्टमर 250 से 300 रुपये तक के मासिक प्लान रिचार्ज कराते थे. इस मासिक प्लान में आपकी पसंद के चैनल तो होते थे लेकिन वो चैनल भी होते थे जिन्हें कस्टमर कभी देखते नहीं थे. वहीं कस्टमर को अपने कई पसंदीदा चैनल देखने के लिए अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है. यानि ट्राई के नए नियम लागू होने के बाद कस्टमर पर डीटीएच ऑपरेटर चैनल नहीं थोप सकेंगे. आसान भाषा में समझें तो यूजर्स को उन्हीं चैनल के लिए भुगतान करना होगा, जिन्हें वो देखना चाहते हैं. ट्राई के इस नए नियम के तहत डीटीएच ऑपरेटर को सभी चैनल अलग- अलग या किसी एक बुके में देने होंगे. इसके साथ ही यूजर को टीवी स्क्रीन पर प्रत्येक चैनल की कीमत भी बताई जाएगी.
ट्राई की नई व्यवस्था के तहत कस्टमर को सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए एक नेटवर्क क्षमता शुल्क 130 रुपये + जीएसटी देना होगा. यह कस्टमर को दिए जाने वाले 100 चैनलों का शुल्क है. इन 100 चैनल में टीवी ऑपरेटर्स को प्रसार भारती के 24 चैनल्स को अनिवार्य रूप से रखना होगा. वहीं अगर कोई कस्टमर 100 से अधिक चैनल सब्सक्राइव करना चाहता है तो उसे 20 से 25 रुपये प्रति चैनल एक्सट्रा चार्ज के रूप में भुगतान करने होंगे.
Wednesday, January 9, 2019
SP-BSP गठबंधन के बीच बोले राहुल, यूपी में कांग्रेस को कमजोर न समझें, अकेले भी लड़ सकते हैं
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह संकेत दिया कि गठबंधन न होने पर कांग्रेस यूपी में अकेले चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने कहा कि यूपी में कांग्रेस को कमजोर नहीं समझा जा सकता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से उनकी कभी कोई बातचीत नहीं होती. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अक्सर गुस्से में रहते हैं और उनके प्रति पीएम का ऐसा व्यवहार इस गुस्से की वजह से ही है. खाड़ी देशों के प्रमुख अखबार गल्फ न्यूज को दिए इंटरव्यू में राहुल गांधी ने यह बातें कहीं.
मोदी का हराना पहला लक्ष्य
राहुल ने कहा, 'हमारा पहला लक्ष्य श्री नरेंद्र मोदी को हराना है. ऐसे कई राज्य हैं, जहां हम काफी मजबूत हैं, जहां हम मुख्य पार्टी हैं और बीजेपी से हमारा सीधा मुकाबला है. कई ऐसे राज्य हैं, जहां गठबंधन हो सकता है- जैसे महाराष्ट्र, झारखंड, तमिलनाडु, बिहार. इन राज्यों में हम गठबंधन के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं.
यूपी में हमें नजरअंदाज नहीं कर सकते
राहुल गांधी ने संकेत दिया कि यूपी में अगर गठबंधन नहीं होता है तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में काफी मजबूत है और इस राज्य में पार्टी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राहुल ने कहा, 'कांग्रेस यूपी में अच्छा कर सकती है. कांग्रेस का विचार यूपी में काफी मजबूत है. इसलिए हमें यूपी में अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है और हम लोगों को चकित कर देंगे.'
गौरतलब है कि यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन की चर्चा है जिसमें कांग्रेस के लिए महज दो सीटें छोड़ने की बात की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के यूपी संगठन में फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं. राज्य ईकाई को यह निर्देश दिया जा चुका है कि बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत किया जाए. पड़ोस के राज्यों जैसे एमपी, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार के नेता भी यूपी में जनसंपर्क करेंगे.
मोदी को हेलो बोलना चाहिए
उन्होंने कहा, 'मोदी मुझसे बात नहीं करते. वह मिलते हैं तो अभिवादन भी मौन तरीके से ही होता है. उन्हें कम से कम 'हेलो' बोलना चाहिए. हालांकि, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से कई सबक 'उपहार' में मिले हैं.
उन्होंने कहा, 'श्री नरेंद्र मोदी काफी गुस्से में रहते हैं और मेरे बारे में वह जो कुछ बोलते हैं, वह काफी हद तक इस गुस्से का ही नतीजा होता है. लेकिन कई ऐसी चीजें भी वे कहते हैं जिन पर मैं गौर करता हूं. उदाहरण के लिए मेरे परिवार के प्रति वह जो आरोप मढ़ते हैं. उनका आरोप मेरे प्रति घृणा और गुस्से का नतीजा होता है. वह कहते हैं- देखिए, आप एक ऐसी जगह से आते हैं जिसमें आपको कई सहूलियतें हासिल हैं और यह सच है! मुझे यह स्वीकार करना होगा कि यह बात सच है. मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि मेरा परिवार राजनीति में है.'
मोदी से क्या मिला सबक
लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि मोदी इस बात पर गौर नहीं करते कि उनकी दादी इंदिरा और पिता राजीव की हिंसक मौत का परिवार पर क्या असर हुआ है. उन्होंने कहा, 'श्री नरेंद्र मोदी यह नहीं देखते कि हमें कितना दर्द मिला, जिस हिंसा का सामना करना पड़ा उससे मुझे क्या सबक मिला. हर चीज के दो पहलू होते हैं. श्री मोदी के भी कई फायदे और नुकसान हैं. श्री मोदी ने मुझे सबसे बड़ा सबक यह दिया है कि अब मैं सुनता हूं, काफी गहराई से सुनता हूं.'
मोदी का हराना पहला लक्ष्य
राहुल ने कहा, 'हमारा पहला लक्ष्य श्री नरेंद्र मोदी को हराना है. ऐसे कई राज्य हैं, जहां हम काफी मजबूत हैं, जहां हम मुख्य पार्टी हैं और बीजेपी से हमारा सीधा मुकाबला है. कई ऐसे राज्य हैं, जहां गठबंधन हो सकता है- जैसे महाराष्ट्र, झारखंड, तमिलनाडु, बिहार. इन राज्यों में हम गठबंधन के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं.
यूपी में हमें नजरअंदाज नहीं कर सकते
राहुल गांधी ने संकेत दिया कि यूपी में अगर गठबंधन नहीं होता है तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में काफी मजबूत है और इस राज्य में पार्टी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राहुल ने कहा, 'कांग्रेस यूपी में अच्छा कर सकती है. कांग्रेस का विचार यूपी में काफी मजबूत है. इसलिए हमें यूपी में अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है और हम लोगों को चकित कर देंगे.'
गौरतलब है कि यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन की चर्चा है जिसमें कांग्रेस के लिए महज दो सीटें छोड़ने की बात की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के यूपी संगठन में फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं. राज्य ईकाई को यह निर्देश दिया जा चुका है कि बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत किया जाए. पड़ोस के राज्यों जैसे एमपी, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार के नेता भी यूपी में जनसंपर्क करेंगे.
मोदी को हेलो बोलना चाहिए
उन्होंने कहा, 'मोदी मुझसे बात नहीं करते. वह मिलते हैं तो अभिवादन भी मौन तरीके से ही होता है. उन्हें कम से कम 'हेलो' बोलना चाहिए. हालांकि, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से कई सबक 'उपहार' में मिले हैं.
उन्होंने कहा, 'श्री नरेंद्र मोदी काफी गुस्से में रहते हैं और मेरे बारे में वह जो कुछ बोलते हैं, वह काफी हद तक इस गुस्से का ही नतीजा होता है. लेकिन कई ऐसी चीजें भी वे कहते हैं जिन पर मैं गौर करता हूं. उदाहरण के लिए मेरे परिवार के प्रति वह जो आरोप मढ़ते हैं. उनका आरोप मेरे प्रति घृणा और गुस्से का नतीजा होता है. वह कहते हैं- देखिए, आप एक ऐसी जगह से आते हैं जिसमें आपको कई सहूलियतें हासिल हैं और यह सच है! मुझे यह स्वीकार करना होगा कि यह बात सच है. मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि मेरा परिवार राजनीति में है.'
मोदी से क्या मिला सबक
लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि मोदी इस बात पर गौर नहीं करते कि उनकी दादी इंदिरा और पिता राजीव की हिंसक मौत का परिवार पर क्या असर हुआ है. उन्होंने कहा, 'श्री नरेंद्र मोदी यह नहीं देखते कि हमें कितना दर्द मिला, जिस हिंसा का सामना करना पड़ा उससे मुझे क्या सबक मिला. हर चीज के दो पहलू होते हैं. श्री मोदी के भी कई फायदे और नुकसान हैं. श्री मोदी ने मुझे सबसे बड़ा सबक यह दिया है कि अब मैं सुनता हूं, काफी गहराई से सुनता हूं.'
Tuesday, January 1, 2019
साल के पहले दिन बाजार की कमजोर शुरुआत, बढ़त के बाद लुढ़का
साल के पहले कारोबारी दिन देश के शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 93.47 अंकों की मजबूती के साथ 36,161.80 पर और निफ्टी 19.15 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 10,881.70 पर खुला. हालांकि, कुछ ही देर में बाजार ने शुरुआती मजबूती गंवा दी.
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.34 बजे 87.29 अंकों की गिरावट के साथ 35,981.04 पर जबकि एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी समय 29.80 अंकों की कमजोरी के साथ 10,832.75 पर कारोबार करते देखे गए. इससे पहले साल 2018 के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे. सेंसेक्स 8.39 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 36,068.33 अंक पर जबकि निफ्टी 2.65 अंक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,862.55 अंक पर बंद हुआ.
बढ़त के साथ खुला रुपया
नए साल में रुपया बढ़त के साथ खुला. मंगलवार को रुपया शुरुआती कारोबार में 15 पैसे चढ़कर 69.62 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि निर्यातकों और बैंकों की ओर से अमेरिकी मुद्रा की बिकवाली बढ़ने से रुपये को समर्थन मिला. वहीं सोमवार को रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 69.77 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बता दें कि शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे चढ़कर 69.94 के स्तर पर बंद हुआ था.शेयर बाजार के पास मौजूद अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 326.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 321.98 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे.
तीनों आरोपी हुए गिरफ्तार...
मानेसर महिला थाना एसएचओ इंस्पेक्टर कांता ने बताया कि महिला से गैंगरेप करने वाले 3 आरोपी अंकित, दीपक व महिपाल को सोमवार सुबह अरेस्ट कर लिया गया है. इनसे पूछताछ की जा रही है. अन्य फरार आरोपियों की तलाश चल रही है.
ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज कर सीरीज में 1-1 से बराबर कराई थी. भारत अब चार मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. चौथा और अंतिम मैच गुरुवार से सिडनी में खेला जाएगा.
अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए नेताओं से लेकर अदालतों तक बहुत सी कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है. ऐसे में सारी उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट से लगी हैं. कोर्ट इस मामले में सुनवाई कब होगी, इस पर 4 जनवरी को फैसला करेगा. हालांकि इस मामले के फैसले के लिए चारो ओर से आवाज उठ रही है.
दरअसल, ऐसा माना जाता है कि साल 1528 में अयोध्या में एक ऐसी जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया, जिसे हिंदू भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं. कहा जाता है कि विवादित जगह पर मस्जिद मुगल बादशाह बाबर के समय में उसके सेनापति मीर बाकी ने बनवाई थी. इस लिहाज से 500 साल पुराना मामला पहली बार आजादी के बाद 1950 में अदालत पहुंचा. इसके बाद से अभी तक फैसले का महज इंतजार हो रहा है. ऐसे में अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में है और सुनवाई की तारीख भी नए साल के साथ दस्तक दे रही है.
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.34 बजे 87.29 अंकों की गिरावट के साथ 35,981.04 पर जबकि एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी लगभग इसी समय 29.80 अंकों की कमजोरी के साथ 10,832.75 पर कारोबार करते देखे गए. इससे पहले साल 2018 के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे. सेंसेक्स 8.39 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 36,068.33 अंक पर जबकि निफ्टी 2.65 अंक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,862.55 अंक पर बंद हुआ.
बढ़त के साथ खुला रुपया
नए साल में रुपया बढ़त के साथ खुला. मंगलवार को रुपया शुरुआती कारोबार में 15 पैसे चढ़कर 69.62 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि निर्यातकों और बैंकों की ओर से अमेरिकी मुद्रा की बिकवाली बढ़ने से रुपये को समर्थन मिला. वहीं सोमवार को रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 69.77 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बता दें कि शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे चढ़कर 69.94 के स्तर पर बंद हुआ था.शेयर बाजार के पास मौजूद अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 326.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 321.98 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे.
तीनों आरोपी हुए गिरफ्तार...
मानेसर महिला थाना एसएचओ इंस्पेक्टर कांता ने बताया कि महिला से गैंगरेप करने वाले 3 आरोपी अंकित, दीपक व महिपाल को सोमवार सुबह अरेस्ट कर लिया गया है. इनसे पूछताछ की जा रही है. अन्य फरार आरोपियों की तलाश चल रही है.
ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज कर सीरीज में 1-1 से बराबर कराई थी. भारत अब चार मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. चौथा और अंतिम मैच गुरुवार से सिडनी में खेला जाएगा.
अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए नेताओं से लेकर अदालतों तक बहुत सी कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है. ऐसे में सारी उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट से लगी हैं. कोर्ट इस मामले में सुनवाई कब होगी, इस पर 4 जनवरी को फैसला करेगा. हालांकि इस मामले के फैसले के लिए चारो ओर से आवाज उठ रही है.
दरअसल, ऐसा माना जाता है कि साल 1528 में अयोध्या में एक ऐसी जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया, जिसे हिंदू भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं. कहा जाता है कि विवादित जगह पर मस्जिद मुगल बादशाह बाबर के समय में उसके सेनापति मीर बाकी ने बनवाई थी. इस लिहाज से 500 साल पुराना मामला पहली बार आजादी के बाद 1950 में अदालत पहुंचा. इसके बाद से अभी तक फैसले का महज इंतजार हो रहा है. ऐसे में अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में है और सुनवाई की तारीख भी नए साल के साथ दस्तक दे रही है.
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